CJP ने हरिभूषण बचौल के खिलाफ फिर NCM का रुख किया! अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए सीजेपी ने भाजपा विधायक के खिलाफ फॉलोअप शिकायत दर्ज कराई

29, Jul 2022 | CJP Team

सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) ने नफरत फैलाने वाले हरिभूषण बचौल के खिलाफ एक बार फिर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) का रुख किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान सभा सदस्य (एमएलए) ने सेना भर्ती के लिए अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे युवाओं के बारे में अपमानजनक और इस्लामोफोबिक टिप्पणी की थी।

बचौल ने युवाओं को बदनाम करने के लिए “जिहादी” (जिसका मूल अर्थ है ‘पवित्र कर्तव्य के रूप में एक पवित्र युद्ध को अंजाम देने वाले मुसलमान’, लेकिन इसे अक्सर अल्पसंख्यक समुदाय को बदनाम करने के प्रयास में इस्लामोफोब द्वारा इस्तेमाल किया जाता है) शब्द का इस्तेमाल किया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बचौल ने कहा, “हिंसा में कौन शामिल हैं? इसमें शामिल लोग ‘जिहादी’ हैं और ‘समीकरणवादी लोग’ भी हैं (वे लोग जो सरकार बनाने के लिए राजनीतिक समीकरण बनाने में विश्वास करते हैं)। बचौल ने आगे कहा, “जो लोग छीना झपटी से सरकार बनाने के लिए बेताब हैं, वे हिंसा के पीछे हैं।” यहां उन्होंने स्पष्ट तौर पर किसी का नाम नहीं लिया जबकि उनका इशारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की तरफ था। उन्होंने आगे कहा, “हालांकि, जो युवा ‘देश प्रेम’ का जज्बा रखते हैं और इसके लिए खुद को बलिदान करने के लिए तैयार हैं, वे इस योजना (अग्निपथ) से खुश हैं।”

सीजेपी हेट स्पीच के उदाहरणों को खोजने और प्रकाश में लाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इन विषैले विचारों का प्रचार करने वाले कट्टरपंथियों को बेनकाब किया जा सके और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जा सके। हेट स्पीच के खिलाफ हमारे अभियान के बारे में अधिक जानने के लिए, कृपया सदस्य बनें। हमारी पहल का समर्थन करने के लिए, कृपया अभी दान करें!

शिकायत की प्रति यहां देखी जा सकती है:

 

भाजपा विधायक हरिभूषण बचौल द्वारा नफरत फैलाने का यह पहला मामला नहीं है। 12 मई, 2022 की अपनी पिछली शिकायत में, CJP ने विस्तृत रूप से बताया था कि कैसे विधायक ने खुले तौर पर 08 मई, 2022 को एक YouTube वीडियो में मुस्लिम अल्पसंख्यकों को राक्षस रावण के रूप में संबोधित करते हुए उनके खिलाफ हिंसा का आह्वान किया था। शिकायत में यह भी बताया गया था कि किस तरह से उन्होंने कहा था कि भारत में रहने वाले मुसलमानों से मतदान के अधिकार छीन लिए जाने चाहिए और उन्हें दूसरे दर्जे के नागरिक के रूप में माना जाना चाहिए। शिकायत में इसका भी जिक्र है कि किस तरह से पिछले साल वह मुस्लिम प्रजनन दर पर अपनी टिप्पणी के लिए चर्चा में थे। पिछली शिकायत की एक प्रति यहां पढ़ी जा सकती है।

पिछले महीने, एनसीएम ने शिकायत पर कार्रवाई की थी, और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), बिहार को निर्देश दिया था कि वे 21 दिनों के भीतर इस मामले की जांच पर रिपोर्ट दें ताकि आयोग मामले पर विचार कर सके।

तथ्य यह है कि बचौल ने फिर भी इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी की। यह दर्शाता है कि उन्हें भारत के कानून या संस्कृति की बहुलता के लिए कोई सम्मान नहीं है। इसलिए, सीजेपी ने आयोग से अल्पसंख्यक समुदाय को सुरक्षा की भावना प्रदान करने और हमारे संविधान में निहित बंधुत्व और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को मजबूत करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

Related:

नूपुर शर्मा के समर्थन में तलवार बांटने पर हिंदू सेना के खिलाफ CJP ने NCM का रुख किया

हेट बस्टर : राष्ट्रीय गीत के संबंध में कोई प्रोटोकॉल नहीं; खड़ा होना अनिवार्य नहीं

हेट बस्टर: कोलकाता में नूपुर शर्मा की पैगंबर विरोधी टिप्पणी का विरोध कर रही भीड़ ने पुलिसकर्मी को नहीं मारा

हेट बस्टर: नहीं! मुस्लिमों के रेस्टोरेंट के खाने से नपुंसकता नहीं होती

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Go to Top