11-Dec-2025
गुजरात उच्च न्यायालय ने धारा 144 के लगातार इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की, ‘आपातकालीन शक्तियां नियमित प्रशासन का साधन नहीं बन सकतीं’
अदालत ने लगातार जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों को रद्द कर दिया, भविष्य में जारी नोटिसों के ऑनलाइन प्रकाशन की आवश्यकता तय की और असहमति व्यक्त करने के अधिकार की पुष्टि की।
