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Citizens for Justice and Peace

Agrarian

टांगिया, उत्तर प्रदेश के वनग्रामों को मिला राजस्व दर्जा देश के उन 20 लाख वनगांव परिवारों के संघर्ष की कहानी, जिनकी गिनती जनगणना में भी नहीं होती

मघ्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक आदि राज्यों को मिलाकर पूरे देश में लगभग 7000 ऐसे वनगांव मौज़ूद हैं जिनमें टांगिया वनमजदूरों के 20 लाख से भी ज़्यादा परिवार रहते हैं। टांगिया काश्तकारों को एक ऐसा व्यवसायिक जंगल उगाने की ज़िम्मेदारी दी गई जिसे बाद में काट लिया जाएगा। अब, जब ये काश्तकार प्रशासन को अनुपयोगी लग रहे हैं वो…

Police Brutality against UP Adivasis: NHRC assures action after CJP intervention DM Sonbhadra asked to submit report within three weeks

The National Commission for Human Rights (NHRC) has ordered the District Magistrate (DM) of Sonbhadra to conduct a probe into the incident of police brutality in which several women, children and others were attacked on May 18. They were beaten up after they staked claim to forest land under Forest Rights Act (FRA) 2006, Uttar Pradesh. On…

Big Win for Farmers’ Rights as Key Bills make it to Parliament Bills pertaining to Indebtedness and Minimum Support Price will be introduced as Private Members Bills

In a significant victory for rights of India’s agrarian community, two major bills geared towards the welfare of farmers, have received the backing of 21 political parties. These are ‘Farmers Freedom from Indebtedness Bill 2018’ and ‘Farmers’ Right to Guaranteed Remunerative Minimum Support Price for Agricultural Commodities Bill 2018′. On Wednesday, April 25, the All India Kisan…

भारत में किसानों, कृषि श्रमिकों और वन श्रमिकों के अधिकार सामुदायिक संसाधन

भारत की अर्थव्यवस्था हमेशा से देश भर में फैली नदियों के संजाल और उपजाऊ मिट्टी की प्रचुरता के कारण मुख्य रूप से कृषि प्रधान रही है. पंजाब में गेहूं के स्वर्णिम मैदानों से, गंगा और इसकी सहायक नदियों के बाढ़ के मैदानों में मक्का, बाजरा और दालों के जलोढ़ लहलहाते विशाल कृषि क्षेत्र तक, दार्जिलिंग…

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