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Citizens for Justice and Peace

Uttar Pradesh

Teesta Setalvad and Roma talk to Adivasi Human Rights Activists and Forest Dwellers in Sonbhadra, UP, India

इससे न सत्य मिलेगा न ही न्याय : NHRC की अपर्याप्त जांच पर AIUFWP सचिव रोमा की प्रतिक्रिया मई महीने में सीजेपी और AIUFWP द्वारा की गई साझी शिकायत पर NHRC का जवाब

ऑल इंडिया यूनियन ऑफ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) की सदस्य रोमा ने 20 जून 2018 को सीजेपी की सचिव तीस्ता सेतलवाड़ के साथ संयुक्त रूप से एक शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत के सम्बन्ध में 20 सितंबर 2018 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से एक जवाब प्राप्त हुआ. ये शिकायत, उत्तर प्रदेश (यूपी) के सोनभद्र के लिलासी गांव में पुलिस द्वारा बरती…

Sonbhadra Adivasis

किस्मतिया और सुखदेव हुए रिहा, लेकिन यूपी पुलिस का ग्रामीणों पर अत्याचार अब भी जारी घर के बाहर पुलिस धमकी भरे नोटिस चिपका रही है

उत्तर प्रदेश पुलिस सोनभद्र क्षेत्र के आदिवासियों को अब भी लगातार परेशान कर रही है. किस्मतिया और सुखदेव गोंड को तीन महीनों के कारावास से रिहाई मिलने के बाद अब  पुलिस ने लिलासी के एक अन्य ग्रामीण नंदू गोंड को परेशान करना शुरू कर दिया है. CJP ने पाया कि पुलिस ने उसके घर के बाहर…

Adivasi Forest Movement leader Sukalo arrested

आदिवासी मानवाधिकार रक्षकों को मिली ज़मानत – किस्मतिया और सुखदेव आए घर, सुकालो भी जल्द होंगी रिहा UP के वन अधिकार रक्षकों को अलाहाबाद उच्च न्यायलय द्वारा न्याययिक विधि की अनुमति दिए जाने के बाद मिली ज़मानत

आदिवासी मानवाधिकार रक्षकों सुकालो और किस्मतिया गोंड के लिए चलाए गए रिहाई अभियान में CJP और ऑल इंडिया यूनियन ऑफ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) को महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है. सुकालो, सुखदेव और किस्मतिया गोंड को अवैध रूप से कई महीनों तक बंदी बना कर रखे जाने के बाद अब ज़मानत मिल गयी है. सुखदेव और किस्मतिया को ज़मानत पर रिहा कर…

हेट वॉच – वाराणसी चर्च हिंसा मामले में CJP ने किया NHRC से जांच का आग्रह फेसबुक से भी नफ़रत फैलाने वाले पोस्ट और विडियो के खिलाफ़ जांच की अपील की

शांति, अहिंसा तथा सभी संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु CJP सदा सक्रिय रहा है. आज देश भर में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर भी हमारी नज़र बनी हुई है. हाल ही में वाराणसी में २०० वर्ष पुराने सेंट थॉमस गिरिजा घर पर हुए हमले के बारे में जब हमें पता चला तो हमनें राष्ट्रीय…

Sokalo Gond granted Bail Huge victory for the Adivasi struggle in Sonbhadra, UP

Adivasi human rights defender Sokalo Gond had been illegally incarcerated since June 8th 2018 and was granted bail today. She is the member executive council of the All India Union of Forest Working People (AIUFWP). In this video, she talks to CJP about the Adivasi struggle in Sonbhadra, Uttar Pradesh, and the steps that they…

UP police

Kismatiya and Sukhdev free, but UP Police continue to harass villagers Paste threatening note outside villager's hut!

Uttar Pradesh (UP) police are allegedly continuing to harass Adivasis in Sonbhadra region. Just days after Kismatiya and Sukhdev Gond were released following three grueling months in prison, the police have started harassing Nandu Gond, another Lilasi villager. CJP has learnt that the police have pasted a notice outside his house saying, “बेल करवा लो…

Kismatiya and Sukhdev Released Victory for CJP and AIUFWP's campaign to release forest rights defenders

We’ve just had a huge victory in our campaign for Adivasi forest workers in Sonbhadra. Kismatiya Gond and Sukhdev Gond have finally been released. Now, we await the bail hearing for Sokalo Gond, who serves as Member Executive Council of the AIUFWP.     Related: Victory! Kismatiya and Sukhdev, Adivasi HRDs from UP released on…

Hate Watch: Is there a Hidden Agenda behind holding Ardh Kumbh in an Election Year? Advocate Prashant Bhushan fears a false flag attack at religious event

In an unprecedented move, the Uttar Pradesh government, under Chief Minister Adityanath, is organising the six-yearly ardh-Kumbh (half Kumbh) on a massive scale. While the entire exercise, being held in an election year, smacks of opportunism, a distinct communal agenda is visible as well. Now, in an exclusive interview, eminent lawyer Prashant Bhushan has brought up the possibility of false…

Free Chandrashekhar Azad Ravan

The Rise of Ravan A Timeline depicting how Chandrashekhar Azad became a force to reckon with

On September 14, 2018, after spending over 15 months behind bars, Dalit leader Chandrashekar Azad ‘Ravan’ was finally released from prison shortly after 2 in the morning. Azad who had been accused of instigating the violence during the Dalit-Thakur caste clashes that took place in Saharanpur in Uttar Pradesh in May 2017, had been booked…

Freedom of ravan

रावण हुआ आज़ाद – भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद हुए जेल से रिहा सर्वोच्च न्यायलय में याचिका दाखिल करने के ठीक एक महीने बाद, आधी रात को मिली आज़ादी

8 जून 2017 को हिमाचल प्रदेश से गिरफ़्तार भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ और उनके दो साथियों को तय तिथि से पहले ही बीती रात तकरीबन पौने तीन बजे जेल से रिहा कर दिया गया है. हालाकि नवम्बर २०१७ में उन्हें २० से भी ज्यादा मामलों में अलाहाबाद उच्च न्यायलय ने बेल दे दी…

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