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Citizens for Justice and Peace

Forest Rights

Adivasi women forest workers allegedly assaulted by UP Police Police arrested the women for protesting an unauthorised construction on forest land

In yet another display of impunity, Uttar Pradesh Police have allegedly physically assaulted women forest workers in Lilasi village of Sonbhadra district. The police whisked the women away from the protest site on Thursday, January 7, and then allegedly beat them up in custody. Speaking to CJP, Shiv Prasad, a villager said, “For two days (January 5…

CJP in 2020

#CJPWednesdays We achieved so much together because of YOU CJP 's work in 2020

Since 2002 when we began this work, our expertise have grown even as our conviction to stay the course has deepened. As this year comes to an end, here’s a round up of our extremely challenging work through the difficult year that 2020 was. From our inspiring team in Assam to our women leaders and…

Forest Rights and AIUFWP

AIUFWP और वन आश्रित समुदाय ने किसान विरोधी कानून के खिलाफ़ मोर्चा खोला उनकी मांग है कि हाल में थोपे गए तीनो कृषि कानून ख़ारिज किए जाएँ 

केंद्र सरकार के किसान विरोधी कानूनों के विरुद्ध CJP के सहयोगी संगठन AIUFWP ने भी अपनी आवाज़ बुलंद की है क्योंकि यह मसला केवल किसानों का ही नहीं, बल्कि भारत के जंगलो में बसने वाली 20 से 30 करोड़ आबादी का भी है. वनाश्रित समुदाय का एक बहुत बड़ा हिस्सा किसान है और उनका जीवन…

This is the land of our ancestors: Adivasi man writes to CJP Bihar man recounts abuse inflicted by Forest Department

“We are fighting the Forest Department for our right to the water, the forests and the land. We say that all of this [forests] is ours and shall remain ours. This forest is our livelihood. This is our ancestor’s land. We have been living here forever,” said 65-year-old Adivasi, Ram Surat Singh. However, the frustrated…

जल, जंगल, जमीन हमारा था, है और हमारा ही रहेगा – राम सूरत सिंह बुजुर्ग आदिवासी की जुबानी, वन विभाग के उत्पीड़न की कहानी

आदिवासी अपनी जल, जंगल जमीन को बचाने की जद्दोजहद में निरंतर जुटे हैं। बिहार के अधौरा के बरडीह गांव निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग आदिवासी राम सूरत सिंह ने अपनी पीड़ा CJP के साथ शेयर की है। इस दौरान उन्होंने बड़े ही मार्मिक तरीके से बताया कि वे अपनी आजीविका चलाने के लिए किस तरह का…

आवाम और ग्राम सभा का सशक्तिकरण इस टूलकिट का उद्देश्य समुदाय का वनों पर स्व-शासन के संवैधानिक अधिकार को मज़बूत करना है।

गांधी जयंती के दिन ग्राम सभा प्रस्ताव लिखने के लिए हम एक टूलकिट “आवाम की सत्ता, ग्राम सभा  की सत्ता” जारी कर रहे हैं। गांधीजी ने कहा था – “स्वतंत्रता, शक्ति और आत्मनिर्भरता से आती है”। यहां ‘आत्मनिर्भरता’ का मतलब हाशिए पर रह रहे लोगों का शोषण कर व्यवसायों और पूँजी के हितों को बढ़ावा देना नहीं…

वनाधिकार कानून की बात करनी है तो गोली खाने को रहे तैयार! वे डरते हैं कि इक दिन निहत्थे और ग़रीब लोग उनसे डरना बंद कर देगें

बिहार के इस चुनावी माहौल में जिला कैमूर के अधौरा प्रखंड़ में अपने जल, जंगल और ज़मीन के हक़ों के लिए संघर्ष कर रहे आदिवासीयों पर पुलिस द्वारा बरबर गोलियां बरसाई गई। 11 सितंबर 2020 को पुलिस और वन विभाग ने निहत्थे आदिवासीयों पर गोली चालन किया जिसमें 3 लोग घायल हो गए और काफी…

CJP webinar on Forest Rights: Testimonies from Grassroot Activists In Part 3 of our report on the CJP webinar, activists strike a hopeful chord

In the concluding part of Day 1 of CJP’s webinar, grassroot activists, many of whom work closely with our partner organisation All India Union of Forest Working People (AIUFWP) shared stories of small victories that helped end the day on an upbeat note. Nivada Rana: We have been facing oppression since the days of my…

Forest Rights: Authorities in Kalahandi raze 32 Adivasi settlements The homeless families now stare at an uncertain future

Amidst the lockdown, on 24th April, police and forest officials forcibly demolished the settlements of 32 adivasi families living in a remote village in Kalahandi, Odisha. They appeal to the state and Central governments to lay claim on their homes and land in the forest. Forest Rights : Shelter destroyed in Uttarakhand Forest Rights: Van…

यूपी-उत्तराखंड में वनाधिकार आंदोलन का चेहरा बने नूरजहां-मुस्तफा मामला राजाजी राष्ट्रीय पार्क का है

‘डर के आगे जीत हैं’। यह फकत कोई जुमला नहीं, हकीकत हैं जिसे एक बार फिर सच कर दिखाया हैं राजाजी पार्क में डेरे में रह रहे एक वन गुर्जर परिवार ने। अपने संघर्ष के बल पर यह परिवार अरसे से यहां रह रहा हैं लेकिन 16-17 जून को जो हुआ, उसने नूरजहां व मुस्तफा…

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