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Citizens for Justice and Peace

Latehar Lynching Case: All 8 accused found Guilty! Justice in second major lynching case in Jharkhand, sentencing on December 20

In a body blow to mobocracy and cow vigilantism, a Jharkhand court has convicted all 8 accused in the Latehar lynching case. This is the second time the court has convicted people in a lynching case, the first being the cold blooded and coordinated killing of coal trader Alimuddin Ansari. On March 18, 2016, 32…

नफरत फैला कर जेब भरने वाला एक और हिंदुत्ववादी CJP Hate Watch

CJP Hate Watch प्रस्तुत करता है दीपक शर्मा नाम के एक हिंदुत्व के सिपाही का सच। सोशल मीडिया में सरेआम नफरत बेच कर निजी फायदा करने वाले दीपक शर्मा अकेले नहीं है। वे चल रहे हैं हिंदुत्व के उन सेनापतिओं के दिखाए पथ पर जिन्होंने अल्पसंख़्यकों के ख़िलाफ नफरत फैला कर अपने राजनैतिक करियर खड़े…

KHOJ: Maps and Personal Histories CJP's Educational Program for a Plural India

This is one of KHOJ’s teaching modules. Each child in the class is given one map and the session involves dotting specific locations on the map that are the spots that have impact on the child’s life in and around his/hers home, school family and community life. Find out more in this video.

filed against Renowned Assamese People

क्या एनारसी दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अस्पष्ट प्रक्रियाएं, भ्रष्टाचार के लिए ज़मीन तैयार करेंगी? इन अस्पष्ट प्रावधानों की वजह से लोगों के भाग्य पर फ़ैसला करने का एकाधिकार एनआरसी अधिकारियों के हाथों में चला गया है.

एनआरसी के राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला ने, एक नए राज्यव्यापी निर्देश में दावा-आपत्ति प्रक्रिया के लिए कुछ मानक संचालन प्रक्रियाएं बताई हैं. सामान्य के आलावा कुछ विशेष परिस्थितियों/लोगों के लिए ये दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, जैसे 14 वर्ष के कम उम्र के बच्चों, विवाहित महिलाओं और भारत के अन्य हिस्सों से असम में आ…

1984 Sikh Genocide: Justice Delayed, but not Denied Sajjan Kumar convicted, sentenced to Life Imprisonment

The Delhi High Court has held Congress leader and former MP Sajjan Kumar guilty for his role in the 1984 anti-Sikh riots and sentenced him to life imprisonment. The court found him guilty of offences of murder, promoting enmity between groups and defiling public property. The court overturned a 2013 acquittal by a lower court and asked…

क्या बुलंदशहर की हिंसा एक सोची-समझी साज़िश थी? देखिये CJP की ख़ास जांच।

हाल ही में हुए बुलंदशहर हिंसा में दो लोगो की जानें गईं। यह हिंसा कथित तौर पर गौ-हत्या प्रकरण के चलते हुई। लेकिन हिंसा के पहले और बाद में सोशल मीडिया में फैले वीडियो, पोस्ट्स और अन्य ख़बरों की जांच पड़ताल से ऐसा लगता है कि कहीं पूरा मामला एक पूर्व नियोजित षड्यंत्र तो नहीं?…

‘मामला’ क्या है? तीस्ता सेतलवाड़ पर मुक़दमों की झड़ी का ख़ुलासा

गुजरात दंगो में साज़िश की जांच के लिए ज़किया जाफ़री और तीस्ता सेतलवाड़ की अर्ज़ी जैसे ही सुप्रीम कोर्ट में पहुंची, गुजरात के विभिन्न न्यायालयों में तीस्ता सेतलवाड़ के खिलाफ चल रहे मामले उफान मारने लगे। लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। किडनैपिंग से लेकर जालसाज़ी तक हर तरह के केस झेल चुकी…

Being a Sycophant and Saffron is a Potent Mix When the Indian Judiciary has, faced with Authoritarian Leaders, Turned Unconstitutional

There have been moments in the past seventy years or so, when the most authoritarian governments have drawn out the most supine responses from India’s higher judiciary. Remember Justice Bhagwati’s actions during ADM Jabalpur when he not just ratified the suspension of fundamental rights by then prime minister, Indira Gandhi (Justice HR Khanna was the…

Mystery of the Aarey Fire

The Mystery of the Aarey Fire and the Need for a Citizens’ Inquiry CJP investigation on the ground and related facts

In the late hours of Monday, December 3, 2018, a fire blazed in Mumbai’s Aarey forest, the city’s last remaining major green area. Various news reports reported that the fire originated in a plot close to the IT Park that is located adjacent to Aarey. Reports indicated that the fire department struggled to control the…

10,000 applications of NRC claims in just 40 hours in Assam

CJP इम्पैक्ट: असम में महज़ 40 घंटो में जमा हुए NRC दावों के 10000 आवेदन असम के आम नागरिकों ने CJP के आह्वान पर 3 दिनों की छुट्टियों में NRC प्रभावित लोगों की सहायता के लिए खुलकर योगदान दिया

छोटे और दूरस्थ इलाकों में NRC के मसौदे से बाहर कर दिए गए लोगों को, इससे सम्बंधित दावे दर्ज करने के कार्य में सहायता प्रदान करने के लिए, CJP ने असम के लोगों से आह्वान किया. 200 से अधिक सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षित युवा और कुछ सामाजिक संगठनों के सदस्य इस कार्य के लिए आगे आए. उन्होंने…

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