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Citizens for Justice and Peace

Forest Rights Resources

Forest Land Claims filed in Chitrakoot: AIUFWP and CJP make history! Claims filed for eight villages, 10 more in the pipeline

Rights of Adivasis and forest-dwelling communities have always been a key focus area for both, Citizens for Justice and Peace (CJP) and our partner organisation All India Union of Forest Working People (AIUFWP). We have been supporting these communities, especially their women grassroots leaders, navigate the complex labyrinth of bureaucracy and stake legal claim to…

Covid-19 and Adivasi Empowerment: CJP’s unique contribution How have eight months of the Lockdown impacted India’s Forest Dwellers & Adivasis?

During the nationwide Lockdown that was announced in wake of the Covid-19 pandemic, CJP found that hunger that had gripped urban India escaped our communities living in the forest as they continued their cultivation and had some measure of control over the resources and minor forest produce. We at CJP with our partners the All…

वनाधिकार क़ानून २००६ प्रशिक्षण सामुदायिक दावे और इन्हें दायर करने के अलग अलग चरण

CJP और AIUFWP द्वारा प्रस्तुत, यह वीडियो, वन अधिकार अधिनियम प्रशिक्षण के लिए है। इसका उद्देश्य वन श्रमिकों को और जमीनी स्तर पर वनाधिकार के लिए काम करने वालों को, सामुदायिक दावों के बारे में जानकारी देना है, ताकि FRA दो हज़ार छे को प्रभावी ढंग से पूरे देश में लागू किया जा सके। इस…

वनाधिकार क़ानून २००६ प्रशिक्षण भाग ३ सामुदायिक दावे और इन्हें दायर करने के अलग अलग चरण

CJP और AIUFWP द्वारा प्रस्तुत, यह पॉडकास्ट, वन अधिकार अधिनियम प्रशिक्षण के लिए है। इसका उद्देश्य वन श्रमिकों को और जमीनी स्तर पर वनाधिकार के लिए काम करने वालों को, सामुदायिक दावों के बारे में जानकारी देना है, ताकि FRA दो हज़ार छे को प्रभावी ढंग से पूरे देश में लागू किया जा सके। भाग…

वनाधिकार क़ानून २००६ प्रशिक्षण भाग २ पॉडकास्ट में समझें संविधान और वन अधिकार

CJP और AIUFWP द्वारा प्रस्तुत, यह पॉडकास्ट, वन अधिकार अधिनियम प्रशिक्षण के लिए है। इसका उद्देश्य वन श्रमिकों को और जमीनी स्तर पर वनाधिकार के लिए काम करने वालों को, सामुदायिक दावों के बारे में जानकारी देना है, ताकि FRA 2006 को प्रभावी ढंग से पूरे देश में लागू किया जा सके। भाग दो में जानी…

वनाधिकार क़ानून २००६ प्रशिक्षण भाग १ पॉडकास्ट में सुनिए FRA क़ानून बनाने की पृष्ठभूमि

CJP और AIUFWP द्वारा प्रस्तुत, यह पॉडकास्ट, वन अधिकार अधिनियम प्रशिक्षण के लिए है। इसका उद्देश्य वन श्रमिकों को और जमीनी स्तर पर वनाधिकार के लिए काम करने वालों को, सामुदायिक दावों के बारे में जानकारी देना है, ताकि FRA 2006 को प्रभावी ढंग से पूरे देश में लागू किया जा सके। भाग एक में सुनिए…

Legal muscle to defend Forest Rights Day 2 of CJP webinar sheds light on laws and their implementation

Day 2 of the CJP webinar titled Forest Rights Movement and Covid-19 saw a more in-depth discussion on the law and how its lax implementation had left millions of forest dwellers vulnerable. The webinar started with a beautiful song by the Adivasi women from Tharu tribe of Lakhimpur Kheri district of Uttar Pradesh about the struggle of the villagers of Kajaria.…

आवाम और ग्राम सभा का सशक्तिकरण इस टूलकिट का उद्देश्य समुदाय का वनों पर स्व-शासन के संवैधानिक अधिकार को मज़बूत करना है।

गांधी जयंती के दिन ग्राम सभा प्रस्ताव लिखने के लिए हम एक टूलकिट “आवाम की सत्ता, ग्राम सभा  की सत्ता” जारी कर रहे हैं। गांधीजी ने कहा था – “स्वतंत्रता, शक्ति और आत्मनिर्भरता से आती है”। यहां ‘आत्मनिर्भरता’ का मतलब हाशिए पर रह रहे लोगों का शोषण कर व्यवसायों और पूँजी के हितों को बढ़ावा देना नहीं…

CJP webinar on Forest Rights: Testimonies from Grassroot Activists In Part 3 of our report on the CJP webinar, activists strike a hopeful chord

In the concluding part of Day 1 of CJP’s webinar, grassroot activists, many of whom work closely with our partner organisation All India Union of Forest Working People (AIUFWP) shared stories of small victories that helped end the day on an upbeat note. Nivada Rana: We have been facing oppression since the days of my…

Struggle for Forest Rights in India stretches from East to West Part-2 of CJP’s webinar reveals how grassroot activists from West Bengal to Maharashtra still struggle for Forest Rights

In the second leg, CJP and AIUFWP’s webinar titled Forest Rights Movement and Covid-19, moved from Uttar Pradesh and Uttarakhand to other parts of the country. Grassroot activists from West Bengal, Odisha, Madhya Pradesh and Maharashtra joined moderator and CJP secretary Teesta Setalvad to share stories of how they continued a peaceful struggle for forest rights,…

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